Kyu mata Ganga hasi Arjun ki mrityu par ? | अर्जुन की मृत्यु पर क्यों हंस पड़ी देवी गंगा? | Aryavart Ki Kahaniya #kahaniya #arjun #ganga महाभारत हिन्दुओं का एक प्रमुख ग्रंथ है, जो स्मृति के इतिहास वर्ग में आता है। कभी कभी इसे केवल भारत कहा जाता है। महाभारत कहानी के बारे में तो आप लोगों ने जरूर पढ़ा या सुना होगा। महाभारत में बताया गया है की अर्जुन से बड़ा धनुर्धर कोई नहीं था। कहा जाता है यदि अर्जुन के पास धनुष चलाने का ज्ञान नहीं होता तो शायद ही इस युद्ध को पांडव जीत सकते। यह बात तो आप सभी लोग जानते होंगे कि जब सभी पांडव स्वर्ग जा रहे थे तभी उनकी मृत्यु हुई थी। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि अर्जुन की मृत्यु स्वर्ग जाने के पहले भी हो चुकी थी। महाभारत में एक ऐसी कथा का वर्णन है जिसमें अर्जुन के पुत्र ने ही अपने पिता का वध कर दिया और अर्जुन की मृत्यु पर माता गंगा मुस्कुराने लगी थी। अब आप ये सोच रहे होंगे की महाभारत के युद्ध के समय ही अर्जुन के दोनों पुत्र का वध हो चूका है ? तो ये कोनसा पुत्र है। आखिर क्यों माता गंगा अर्जुन की मृत्यु पर मुरुकारने लगी। कथा के अनुसार जब महाभारत का युद्ध खत्म हुआ तब युधिष्ठिर को हस्तिनापुर का राजा बना दिया गया और कुछ दिन पश्चात भगवान श्री कृष्ण के कहने पर युधिष्ठिर ने अश्वमेघ यज्ञ आरंभ किया और नियमानुसार यज्ञ को अर्जुन के नेतृत्व में छोड़ दिया गया। जहां-जहां अश्व जाता अर्जुन अपनी सेना के साथ उसके पीछे-पीछे जाते। यज्ञ का अश्व कई राज्यों से गुजरा जिसमें कई राजाओं ने तो अर्जुन से युद्ध करने से मना कर दिया और जिसने भी अर्जुन से युद्ध किया वह अर्जुन से हार गया इसी क्रम में यज्ञ का घोड़ा मणिपुर पहुंचता है जहां पर अर्जुन का पुत्र बब्रुवाहन राज्य करता था। जब अर्जुन के पुत्र बब्रुवाहन को पता चलता है कि उसके पिता उसके राज्य में आए हैं, तब वह अपने पिता के स्वागत करने हेतु राज्य की सीमा पर पहुंचता है लेकिन राज्य की सीमा पर अर्जुन अपने पुत्र से कहता है कि अभी मैं हस्तिनापुर का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं इसलिए तुम्हें नियमानुसार मुझ से युद्ध करना होगा। उसके बाद अर्जुन और बब्रुवाहन के बीच एक भयंकर युद्ध चलता है और कुछ समय बाद बब्रुवाहन दिव्य अस्त्र से अपने पिता अर्जुन का सिर धड़ से अलग कर देता है। जब यह बात भगवान श्री कृष्ण और माता कुंती को पता चलता है तब दोनों मणिपुर पहुंचते हैं और यह देखकर दोनों को धक्का लगता है, तभी वहां पर भगवान श्री कृष्ण ने देखा कि देवी गंगा अर्जुन की मृत्यु से मुस्कुरा रही हैं। नमस्कार दोस्तों 🙏🙏 कहानी कहने के बाद लप्सी तपसी की कहानी कही जाती है :- https://youtu.be/uGxyeQYBpDk धर्मराज जी की कथा :- https://youtu.be/1YWqt_pkBlE धर्मराज की कथा :- https://youtu.be/6ApM6NRj2RU राम लक्ष्मण की कहानी :- https://youtu.be/e4ArMg3L7Ic राई की कहानी :- https://youtu.be/jiAv03pF2uk सूरज भगवान की कहानी :- https://youtu.be/myymCNe8VUU सुखी अमावस्या की कहानी :- https://youtu.be/tv8U-slBQuI और Videos के लिये सब्सक्राइब करे : https://www.youtube.com/channel/UC6zU5hIzjDQ8I2jUxDFH5XQ?sub_confirmation=1 Facebook: - https://www.facebook.com/aryavat.ki.kahaniya/ Copyright Disclaimer: Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for "fair use" for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing. Non-profit, educational, or personal use tips the balance in favor of fair use.
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