Gangaur Ki Vrat Katha | गणगौर की व्रत कथा | Aryavart Ki Kahaniya


 

Gangaur Ki Vrat Katha | गणगौर की व्रत कथा | आर्यावर्त की कहानियां #aryavart #gangaur #gangaurkatha राजा के बोया चना बढ़ते गये और माली की दूब घटती गई। माली सोचा यह क्या बात है ? राजा के चना बढ़ते जाते हैं और मेरी दूब घटती जाती है । एक दिन सुबह माली पता लगाने के लिये अपने बगीचे में छिप कर बैठ गया कि देखें क्या बात है ? सुबह होते ही थोड़ी देर में लड़कियाँ गीत गाती हँसती-खेलती गौरपूजा के लिये दूब तोड़ने बगीचे में आई और दूब तोड़ने लगीं तब माली ने लड़कियों को पकड़ कर,कोई का लोटा छीन लिया,कोई का घाघरा छीन लिया,कोई का ओढ़ना उतार लिया और लड़कियों को बोला, “तुम लोग रोज-रोज मेरे बगीचे से दब तोड़ कर क्यों ले जाती हो ? मेरा बगीचा क्यों उजाड़ती हो ? आज मेरी पकड़ में आई हो ।'' तब लड़कियाँ बोलीं, ' भाई हमारी चीजें वापस दे दो, हमारे सोलह दिन की गणगौर है, हम पूजा के लिये रोज दूब ले जाती हैं, सोलह दिन के बाद गणगौर बिदा होगी उस दिन हम तुम्हें भर-भर कुण्ड़ारा सीरा-लापसी लाकर देंगी । अब तुम हम लोगों को छोड़ दो, माली राजी हो गया और सबके कपड़े वापस दे दिये । रोज जैसे दूब लेकर लड़कियाँ घर गई । सोलह दिन पूरे हुऐं तब लड़कियाँ सीरा-लापसी का कुण्डारा भर कर माली को देकर आईं । मालन ने सब चीजें कोठड़ी में रख कर बाहर से साँकल बन्द कर दी । थोड़ी देर में माली का बेटा बाहर से खेलता- कूदता आया और मालन को बोला 'माँ-माँ भूख लगी है जल्दी कुछ खाने को दो । मालन बोली, “बेटा आज तो गणगौर माता की कृपा से लड़कियाँ बहुत सीरा लापसी का कुण्ड़ारा भर कर दे गई हैं,कोठरी में रखा है,चाहे जितना खाओ । वह कोठरी खोलने लगा तब कोठरी खुली नहीं तब मालन आकर कोया में से काजल,टिकी में से रोली चावल,मींड़ी में से मैण,चिटली अंगुली में से मेंहदी निकाल कर छींटा दी, तब कोठड़ी का दरवाजा खुल गया । अन्दर झाँक कर देखे तो सोने के झूले पर ईसरजी विराजमान हैं और गौरांदेजी पाग सँवार रहीं हैं। चारों ओर हीरे मोती झलमल कर रहे हैं । सब चीजों से भण्डार भरे हुये हैं। माली और मालन दर्शन करके धन-घन हो गये । है महाराज ! ईस्तरजी-गोरंदेजी उन पर कृपा की जैसी सब पर करना । हे महाराज । सब को ईसर भाग देना गोर जैसा सुहाग देना । कहनेवाले को सुनने वाले को हँकारा भरनेवाले को अपने सब परिवार को देना नमस्कार दोस्तों 🙏🙏 कहानी कहने के बाद लप्सी तपसी की कहानी कही जाती है :- https://youtu.be/uGxyeQYBpDk धर्मराज जी की कथा :- https://youtu.be/1YWqt_pkBlE धर्मराज की कथा :- https://youtu.be/6ApM6NRj2RU राम लक्ष्मण की कहानी :- https://youtu.be/e4ArMg3L7Ic राई की कहानी :- https://youtu.be/jiAv03pF2uk सूरज भगवान की कहानी :- https://youtu.be/myymCNe8VUU सुखी अमावस्या की कहानी :- https://youtu.be/tv8U-slBQuI और Videos के लिये सब्सक्राइब करे : https://www.youtube.com/channel/UC6zU5hIzjDQ8I2jUxDFH5XQ?sub_confirmation=1 Facebook: - https://www.facebook.com/aryavat.ki.kahaniya/ Copyright Disclaimer: Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for "fair use" for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing. Non-profit, educational, or personal use tips the balance in favor of fair use.

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