Chhik chouth ( Mata ) ki kahani ,छिक चौथ (माता) की कहानी | आर्यावर्त की कहानियां #aryavart #kahaniya एक सेठ को बेटो सांप को भायलो हो बो रोज सांप ने दूध पिलाबा जावतो एक दिन बो दूध लेय गयो तो सांप ओर सर्पनी बाता कर रिया सर्पणी कियो देखो सांप देवता थे तो बारे चल्या जावो पण गरे पीछे से मारे कने घणा कने घणा जना आवे ओर में पराया परूष को मन्डो कोनी देखू इ वास्ते मारे कंडाल्यो काढ जावो सांप कियो आ तो घणी चोखा सेठ को बेटो लारे ऊबो सगली बाता सुन रहयो हो साप कढाय थोड़ी दूर गयो कि बा सर्पणी खुद ही बाहर आय बिच्छ के साथ खेलबा लागी सेठ को बेटो कियो देखो आ जाता किती छल जाने बिने रिस आई जको दूध तो बाड म तो ओर सर्पणी के दो चार जूता की मार घरा आयगो बाठन सानो आयो देखे तो सर्पणी भभरा भूत होयेडी ओर रोवे जणा कियो कांई हुयो मैं गयो जणा तो तू घणी राजी ही ओर पाछा यो तो आ दशा कांई बात जद सर्पणी कियो मैं थाने पहली ही यो पराया पुरूष को मुन्डो कोनी देखू आज थाको भायलो आयो दध पाबा ने मने अकेली ने देख कर कियो बाहरे आव मैं कूडाल्या में स बारे आई कोनी तो मारो हाथ मायने आय पकड़यो ओर दो चार जता की कमर में मारी जणा सांप कियो यान बेठी सुती ने तो मारवालो तो कोनी पण अबे कांई करणो जद सर्पणी कियो करणो काई बिने डसो तो अन्न पानी लेवू जणा सांप कियो बो मारो इता बरसा को भायलो है मैं बीने सामी छाती जाय क्यान डसू जणा सर्पणी कियो मटकी के लारे बैठ जाज्यो बो पानी हाथा सू भरया करे लोटो भरबा आवे जद खा जाज्यो सांप मटकी के लारे बेठग्यो सेठ को बेटो रोटी खाबा ने बेठयो लोटो भरबा ने गयो जिता में छीक आयेगी लुगाई टचकारो करीयो कहदो सासूजी आज लोटो में भर देऊं छींक होगी है जणा बो पाछो बेठग्यो पांच मिनट बाद पाछो उठयो तो पाछी छीक हुई लुगाई कियो आज बार बार छीक होवे तो लोटो मैं भर देव जणा बो कियो चोखा थाका लुगाया का चरित्र एक तो बा सर्पणी आज छल करयो बो आपकी मां ने सारी बात बताई कियो मां आज मैं सांप ने दूध पाबा ने गयो जको बा सर्पणी सांप ने केवे मैं पराया पुरूष को मून्डो कोनी देख ओर सांप थोड़ी दूर गयो कि बा खुद ही सीटी बजाय सगला सांप बिच्छू ने भेला कर लियो ओर खेलबा लागी जको आज मैं दूध तो बाड़ में ढोल दियो ओर सर्पणी के दो चार जूता की मार आयो मटकी के लारे बेठयो सांप सगली बात सनी ओर झट से नीचे उतर आयो ओर बीके पगा पडियो आपणी भाषा में बोल्यो आज तो मैं तने लगाई के केबा से डस जावतो अगर छीक नहीं होती तो इता बरसा की दोस्ती पर पानी फिर जातो मैं सर्पणी की बात सुन तने खाबा ने आग्यो जद भायलो कियो खाबा आयो तो खा जावो पछे सांप कियो क्यू मने लाजा मारो पण ओ ध्यान राखज्यो छीक माता को केणो मानज्यो लगाई को केणो मति मानज्यो अगर कोई काम करबा की बेलया छीक हो जावे तो पाछो बैठ जावणो थोड़ी देर बाद कोई काम करणो है अगर छीक हो जावे ओर बी टाईम लुगाई कुछ बोले तो पहली छीक को केहणो मानणो छीक माता सेठ का बेटा की रक्षा करी ज्यान सबकि करज्यो दो नाव घटता दो नाव बढ़ता भूली चूकी माफ करीजो। नमस्कार दोस्तों 🙏🙏 कहानी कहने के बाद लप्सी तपसी की कहानी कही जाती है :- https://youtu.be/uGxyeQYBpDk धर्मराज जी की कथा :- https://youtu.be/1YWqt_pkBlE धर्मराज की कथा :- https://youtu.be/6ApM6NRj2RU राम लक्ष्मण की कहानी :- https://youtu.be/e4ArMg3L7Ic राई की कहानी :- https://youtu.be/jiAv03pF2uk सूरज भगवान की कहानी :- https://youtu.be/myymCNe8VUU सुखी अमावस्या की कहानी :- https://youtu.be/tv8U-slBQuI और Videos के लिये सब्सक्राइब करे : https://www.youtube.com/channel/UC6zU5hIzjDQ8I2jUxDFH5XQ?sub_confirmation=1 Facebook: - https://www.facebook.com/aryavat.ki.kahaniya/ Copyright Disclaimer: Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for "fair use" for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing. Non-profit, educational, or personal use tips the balance in favor of fair use.
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